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इन 10 अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक/जेनेटिक बीमारियां से रहें सावधान
10 जेनेटिक बीमारियां से रहें सावधान।
बीमारियों को लेकर सतरà¥à¤•ता सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरी होती है। अगर आप पहले से सतरà¥à¤• रहते हैं तो कई तरह की परेशानियों से बच जाते हैं। कà¥à¤› गंà¤à¥€à¤° बीमारियां à¤à¤¸à¥‡ होती हैं जो à¤à¤• बार लग जाà¤à¤‚ तो का उमà¥à¤°à¤à¤° नहीं जाती हैं। कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ à¤à¥€ बीमारियां à¤à¥€ होती है जो मौत का कराण बन जाती हैं। यहां हम à¤à¤¸à¥€ बीमारियों के बारे में बात करगें जो परिवार या माता-पिता से लोगों में होती हैं। à¤à¤¸à¤¾ नहीं है हर कोई इन बीमारियों से परेशान ही होता है अगर समय रहते सतरà¥à¤•ता बरती जाय तो इन बीमारियों से बचा जा सकता है। अनà¥à¤µà¤¾à¤¶à¤¿à¤‚क या जेनेटिक बीमारियों के बारे में पहले से जानकारी होना बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। ये बीमारियां इंसान में गà¥à¤£à¤¸à¥‚तà¥à¤° के माधà¥à¤¯à¤® से पीढ़ी दर पीढ़ी होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ लिये होती हैं। आइठ10 à¤à¤¸à¥€ बीमारियों को जानते हैं जो जेनेटिक या अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक होती हैं।
थैलेसीमिया
थैलेसीमिया à¤à¤• तरह से बà¥à¤²à¤¡ की बीमारी है। इससे इंसान के शरीर में हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ के बनने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ गड़बड़ हो जाती है। सामानà¥à¤¯à¤¤à¤¯à¤¾ यह बचपन में ही बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शिकार बनाती है। थैलेसीमिया रोग अगर परिवार के किसी सदसà¥à¤¯ को हà¥à¤† हो तो जनà¥à¤® के बाद बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की जांच अवशà¥à¤¯ कराते रहें।
हीमोफीलिया
हीमोफिलिया रोग à¤à¥€ अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक कारण से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। यह बीमारी à¤à¥€ खतरनाक होती है। इसमें शरीर में कोई चोट लगने पर इंसान का खून नहीं जमता है जिसकी वजह से किसी दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ का शिकार इंसान मर à¤à¥€ जाता है।
à¤à¤¨à¤¿à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ और सिकल सेल
à¤à¤¨à¤¿à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ रोग à¤à¥€ बà¥à¤²à¤¡ की बीमारी है। यह à¤à¥€ परिवार या माता-पिता से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° आती है। शरीर में हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ की कमी से शरीर कमजोर होने लगता है और कोई दूसरी बीमारी लगने के बाद मौत à¤à¥€ हो जाती है। सिकल सेल की बीमारी à¤à¥€ इसी तरह के लकà¥à¤·à¤£ वाली होती है।
सिâ€à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸
सिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• फायà¥à¤¬à¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¤à¤• अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक रोग है, जो शरीर के कई à¤à¤¾à¤—ों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। इनमें जिगर, पेंकà¥à¤°à¤¿à¤†à¤œ, मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ के अंग, जननांग और पसीने की गà¥à¤°à¤‚थियां शामिल हैं।
डीवीटी
डीप वेन थà¥à¤°à¥‹à¤®à¥à¤¬à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ यानि डीवीटी। यह बà¥à¤²à¤¡ कà¥à¤²à¥‰à¤Ÿ होता है, जो शरीर की नसों की गहराई में बन जाता है। जब खून गाढ़ा हो जाता है, तब यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बनती है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° ये समसà¥à¤¯à¤¾ जांघ पर होती है।
मलà¥à¤Ÿà¥€à¤ªà¤² सà¥à¤•ेलेरोसिस
दिमाग की तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ सामानà¥à¤¯ करने वाले सेलà¥à¤¸ के कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाने की वजह से यह बीमारी होती है। इसमें à¤à¤‚टीबॉडी मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•, रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ और आंखों के नसों पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालती है।
डायबिटीज
टाइप 1 और टाइप 2 - डायबिटीज मेलेटस (डीà¤à¤®), जिसे सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ कहा जाता है, चयापचय संबंधी बीमारियों का à¤à¤• समूह है जिसमें लंबे समय तक उचà¥à¤š रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा का सà¥à¤¤à¤° होता है। टाइप 1 और टाइप 2 इसी के पà¥à¤°à¤•ार हैं।
डाउन सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®
डाउन सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® à¤à¤• आनà¥à¤µà¤‚शिक रोग है, जो बहà¥à¤¤ कम लोगों को होता है। इस रोग में ना सिरà¥à¤« बचà¥à¤šà¥‡ का शारीरिक बलà¥à¤•ि मानसिक विकास à¤à¥€ धीमा होता है।
रकà¥à¤¤à¤µà¤°à¥à¤£à¤•ता
यानि हेमोचरोमाटोसिस, à¤à¤• बीमारी है जिसमें बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोहे आपके शरीर में जमा होता है।
पारà¥à¤•िंसंस रोग
पारà¥à¤•िंसन रोग केनà¥à¤¦à¥à¤°à¥€à¤¯ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° का à¤à¤• रोग है जिसमें रोगी के शरीर के अंग कंपन करते रहते हैं।
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